बॉम्बे हाईकोर्ट ने NIA से पूछा- अंटीलिया के बाहर सचिन वाझे ने ही SUV खड़ी की थी इसका क्या सबूत है

 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से पूछा कि उसके पास इस बात के क्या सबूत हैं कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास ‘अंटीलिया’ के बाहर विस्फोटक से लदी SUV खड़ी की थी।

न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने NIA से सवाल किया, “यह दिखाने के लिए सामग्री कहां है कि वाहन वास्तव में सचिन वाझे ने ही खड़ा किया था? आपने इन कड़ियों को कैसे जोड़ा?” अदालत NIA की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विशेष अदालत द्वारा सचिन वाझे को जमानत दिए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है।

यह मामला फरवरी-मार्च 2021 में मुंबई में दर्ज तीन आपस में जुड़े FIR से संबंधित है। पहला मामला 18 फरवरी 2021 को ठाणे के ऑटो पार्ट्स कारोबारी मनसुख हिरेन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। मनसुख हिरेन ने अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो SUV के विक्रोली से चोरी होने की शिकायत की थी।

25 फरवरी को यही वाहन अंटीलिया के बाहर खड़ा मिला था। SUV में 20 जिलेटिन की छड़ें और अंबानी परिवार को धमकी देने वाला एक पत्र मिला था। इसके बाद दूसरा FIR दर्ज किया गया। तीसरा मामला मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़ा था। उनका शव 5 मार्च 2021 को मुंब्रा के पास एक खाड़ी में फेंका हुआ मिला था।

NIA के मुताबिक सचिन वाझे ने खुद SUV को अंटीलिया के बाहर खड़ा किया था। NIA का आरोप है कि मनसुख हिरेन ने वाहन खड़ा करने की जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया था, जिसके बाद सचिन वाझे ने पूर्व इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा को मनसुख हिरेन की हत्या की सुपारी दी। NIA के अनुसार, प्रदीप शर्मा ने चार भाड़े के हत्यारों की व्यवस्था की जबकि पुलिस इंस्पेक्टर सुनील माने मनसुख हिरेन को उनके घर से लेकर आए और उन्हें हत्यारों के हवाले कर दिया।

NIA ने मार्च 2021 में सचिन वाझे को गिरफ्तार किया था। पांच साल से अधिक समय बाद, 29 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने सचिन वाझे को जमानत दे दी थी। अदालत ने कहा था कि एजेंसी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवाद से जुड़े आरोपों को सही ठहराने में विफल रही है। हालांकि, इसके एक दिन बाद ही NIA की तत्काल अपील पर हाईकोर्ट ने जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।

बुधवार को अपील पर सुनवाई के दौरान NIA की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि SUV सचिन वाझे के कब्जे में थी। उन्होंने बताया कि मनसुख हिरेन सचिन वाझे को अच्छी तरह जानते थे और उन्होंने नवंबर 2020 में वाहन उन्हें दिया था।

अनिल सिंह ने आगे दावा किया कि सचिन वाझे का इरादा सिर्फ अंबानी परिवार के मन में ही नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच भी आतंक पैदा करना था।

अनिल सिंह ने अदालत से कहा, “उसे पहले निलंबित किया जा चुका था। वह दो वजहों से आतंक पैदा करना चाहता था—फिरौती की रकम वसूलना और बाद में स्थिति को सुलझाकर एजेंसी के भीतर ‘सुपर कॉप’ के रूप में उभरना।”

हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई गुरुवार को भी जारी रखेगा।

वहीं, पिछले महीने वाजे को जमानत देते समय विशेष NIA अदालत ने कहा था कि अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि वाजे किसके मन में आतंक पैदा करना चाहता था।

अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह भी अनुमान लगाया जा सके कि अंबानी परिवार या उसके किसी सदस्य को किसी भी तरह से डराया या आतंकित किया गया था। अदालत ने कहा था कि इसके उलट, उपलब्ध तथ्यों से स्थिति कुछ और ही नजर आती है और अंबानी परिवार का रोजमर्रा का कारोबार एक मिनट के लिए भी प्रभावित होता नहीं दिखा।

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